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कदर

कदर करना भी किसी कि बहोत बडी जिम्मेदारी है,वह निभाए तो एहसाँ तुम निभाओ तो दुनियादारी है! भूल वह जायें अगर तो उनको कोई ऐतराज़ नही है,तुम जरा ठ़हर जाओ अगर तो बहोत बडी बेईमानी है! वह कहे अगर तो उनका हर लफ्ज़ सर आँखो पर,तुम सुनाओ कुछ भी अगर तो बात बडी आसमानी है!पढ़ना जारी रखें “कदर”

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ख़त

मालिक देना सर पे बोझ उतना के मैं सह सकूँ,चलती हुई इस दुनिया में पानी की तरह बह सकूँ! देना दुवाएँ मुझे की मेरा यहाँ कोई हमदर्द़ ना हो,बात जो चुभती है दिल में हर किसी को कह सकूँ! सांस लेने की हो जगह और मेरे पैरों तक चादर,धूप और बारिश से बचते बचते चैनपढ़ना जारी रखें “ख़त”

मेरे हाथों में कुछ भी नहीं!!💔

मेरे हाथों मे कुछ भी नहीं है इन लकीरों के सिवा,भुला सके तो भुला दो तुम ही मुझको,मेरी जिंदगी में कुछ भी नहीं है तनहाइयों के सिवा! तुझको भी है यकीनन भरोसा मगर फ़िर भी,मिलेगा कुछ भी नहीं पाकर मुझको,मेरे घर कुछ भी नहीं है सिर्फ दीवारों के सिवा! किया है बंद इस झील कीपढ़ना जारी रखें “मेरे हाथों में कुछ भी नहीं!!💔”

सितमगर

देख कर किसी ने मुस्कुराना छोड़ दिया,सितारों में हमने घर बसाना छोड़ दिया! मोहब्बत में शिकवा होता नहीं करतें हैं,इश्क़ ए अदा ही आजमाना छोड़ दिया! कहने को होते हैं सारे रिश्ते नाते दोस्तों,अपनों ने भी हाथ मिलाना छोड़ दिया! देखीं हैं हमने तो ऐ ख़ुदा तेरी हर ख़ुदाई,इसी वजहसे ही सर झुकाना छोड़ दिया!पढ़ना जारी रखें “सितमगर”

ज़प्त ए दिल

ज़प्त ए दिल किया हैं उसी ने जज्बात में आकर, सितारों अब तो लौटा दो चाँद हाथों में आकर! मेरी मर्जी के बिना ही जाने उसने क्या क्या लूटा, हम मना भी न कर सकें उनकी बातों में आकर! ऐ हवाओं न चलों ऐसा के ख़ुशबू में बहक जायें, मेरे हाथों को वह छू करपढ़ना जारी रखें “ज़प्त ए दिल”

हमनें ऐ जिंदगी

हमनें जिंदगी तेरा ख़ुद से बेहतर ख़याल किया, टूट कर हम बिख़र गयें और तुमने बवाल किया! रुख़ हवा का छोड़ कर हम मुड़ गयें तेरी तरफ़, हार गये हम चलते चलते रास्तों ने कमाल किया! जाने अन्जाने से हैं पहलु फैले हुए हर तरफ़, तेरी चाहत में गुम हुये और तुमने सवाल किया! जितनेपढ़ना जारी रखें “हमनें ऐ जिंदगी”

arushi_india

मुझे मंजिल तो आतीं हैं नज़र मगर चलूँ तो भी कैसे, ख़्वाहिश है जिसे पाने की हासिल करूँ तो भी कैसे! झाँककर खिड़कीसे हर वक्त़ हर फूल देखता है मुझे, बड़ा हूँ फ़िर भी बच्चा हूँ मैं बहक जाऊँ तो भी कैसे! घर का हर आदमी सुबह मुस्कुराता हुआ निकलता है, रूह से ही पूछोंपढ़ना जारी रखें “arushi_india”

पूछो

कभी हँसने का कोई मुझको मतलब तो पूछो, दिल में छुपाये हैं दर्द़ कितने आज तक पूछो! शाम आहिस्ता आहिस्ता सरहद़ पर चलती हैं, हमनें देखा है हँसीन ए जवान माहताब़ पूछो! मेरी सांसों में बसी है अभी तक उनकीं खुशबू, इन फिज़ा ओं को मिलेगा वक्त़ जब तब पूछो! हर किसी को नहीं होतींपढ़ना जारी रखें “पूछो”