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ग़ज़ल: क़म ही लगता है!

क़म ही लगता है जो भी मिला हर किसी को तक़दीर में,पास जिनके है सब उनको भी ले चला खुदा आखिर में! ग़म ए जिंदगी का पिना होगा जिनको मिला ए नसीब से,क्या फ़र्क है जो छिन कर लेता है तुझमें और क़ातिल में! दम धरना सीख लो यहाँ पर यह जरा सी तो जिंदगीपढ़ना जारी रखें “ग़ज़ल: क़म ही लगता है!”

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