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ज़प्त ए दिल

ज़प्त ए दिल किया हैं उसी ने जज्बात में आकर,
सितारों अब तो लौटा दो चाँद हाथों में आकर!

मेरी मर्जी के बिना ही जाने उसने क्या क्या लूटा,
हम मना भी न कर सकें उनकी बातों में आकर!

ऐ हवाओं न चलों ऐसा के ख़ुशबू में बहक जायें,
मेरे हाथों को वह छू कर गया है रातों में आकर!

हर एक पल हैं उनका ही कोई दूसरा क्या जाने,
जला दिया है चिराग़ ए दिल ख़ाक में आकर!

दिल कहीं और होश़ कहीं अब खो गया दोस्तों,
झ़ील बताओ कैसे बिताऊँ घडियाँ साथ में आकर!

“Hello Everyone!

This book has been shortlisted for Wattpad India Awards 2019.

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Please vote on this chapter.

Thank you!”

अक़्स

http://www.wattpad.com Profile name: jheel_poet

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jheel द्वारा प्रकाशित

❤जो महसूस करता हूँ वही लिखता हूँ,💕💕, वैसे आप comments box में तारिफ़ कर सकतें हैं! ❤

4 विचार “ज़प्त ए दिल&rdquo पर;

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