पूछो

कभी हँसने का कोई मुझको मतलब तो पूछो,
दिल में छुपाये हैं दर्द़ कितने आज तक पूछो!

शाम आहिस्ता आहिस्ता सरहद़ पर चलती हैं,
हमनें देखा है हँसीन ए जवान माहताब़ पूछो!

मेरी सांसों में बसी है अभी तक उनकीं खुशबू,
इन फिज़ा ओं को मिलेगा वक्त़ जब तब पूछो!

हर किसी को नहीं होतीं एहसास ए मोहब्बत,
हमनें पाईं है यह हसरत ख़ुदा को ग़ुरबत पूछो!

मुझे ग़म नहीं ऐसा नहीं इसका ईलाज़ हैं कोई,
झ़ील ख़ामोश रहें तो बार बार हर बात पूछो!

jheel द्वारा प्रकाशित

❤जो महसूस करता हूँ वही लिखता हूँ,💕💕, वैसे आप comments box में तारिफ़ कर सकतें हैं! ❤

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